| अनाथ = पोरका | गोणी = पोते | भेसळ = मिलावट | ||
| अनर्थ = संकट | गोष्ट = कहाणी, कथा | भेदभाव = फरक | ||
| अपघात = दुर्घटना | गौरव = सन्मान | भोजन = जेवण | ||
| अपेक्षाभंग = हिरमोड | ग्राहक = गिऱ्हाईक | मदत = साहाय्य | ||
| अभिवादन = नमस्कार, वंदन, प्रणाम | घर = सदन, गृह, निकेतन, आलय | ममता = माया, जिव्हाळा, वात्सल्य | ||
| अभिनंदन = गौरव | घरटे = खोपा | मन = चित्त, अंतःकरण | ||
| अभिमान = गर्व | घागर = घडा, मडके | मजूर = कामगार | ||
| अभिनेता = नट | घोडा = अश्व, हय, वारू | महिना = मास | ||
| अरण्य = वन, जंगल, कानन | चव = रुची, गोडी | महिला = स्त्री, बाई, ललना | ||
| अवघड = कठीण | चरण = पाय, पाऊल | मजूर = कामगार | ||
| अवचित = एकदम | चरितार्थ = उदरनिर्वाह | मस्तक = डोके, शीर, माथा | ||
| अवर्षण = दुष्काळ | चक्र = चाक | मानवता = माणुसकी | ||
| अविरत = सतत, अखंड | चऱ्हाट = दोरखंड | मान = गळा | ||
| अडचण = समस्या | चाक = चक्र | मंगल = पवित्र | ||
| अभ्यास = सराव | चंद्र = शशी, रजनीनाथ, इंदू | मंदिर = देऊळ, देवालय | ||
| अन्न = आहार, खाद्य | चिंता = काळजी | मार्ग = रस्ता, वाट | ||
| अग्नी = आग | चिडीचूप = शांत | म्होरक्या = पुढारी, नेता | ||
| अचल = शांत, स्थिर | चिमुरडी = लहान | मित्र = दोस्त, सोबती, सखा, सवंगडी | ||
| अचंबा = आश्चर्य, नवल | चूक = दोष | मिष्टान्न = गोडधोड | ||
| अतिथी = पाहुणा | चेहरा = मुख | मुलगा = पुत्र, सुत, तनय | ||
| अत्याचार = अन्याय | चौकशी = विचारपूस | मुलगी = कन्या, तनया | ||
| अपराध = गुन्हा, दोष | छंद = नाद, आवड | मुद्रा = चेहरा, मुख, तोंड, वदन | ||
| अपमान = मानभंग | छान = सुरेख, सुंदर | मुख = तोंड, चेहरा | ||
| अपाय = इजा | छिद्र = भोक | मुलुख = प्रदेश, प्रांत, परगणा | ||
| अश्रू = आसू | जग = दुनिया, विश्व | मेहनत = कष्ट, श्रम, परिश्रम | ||
| अंबर = वस्त्र | जत्रा = मेळा | मैत्री = दोस्ती | ||
| अमृत = पीयूष | जन = लोक, जनता | मौज = मजा, गंमत | ||
| अहंकार = गर्व | जमीन = भूमी, धरती, भुई | यश = सफलता | ||
| अंक = आकडा | जंगल = रान | युक्ती = विचार, शक्कल | ||
| आई = माता, माय, जननी, माउली | जीव = प्राण | युद्ध = लढाई, संग्राम, लढा, समर | ||
| आकाश = आभाळ, गगन, नभ, अंबर | जीवन = आयुष्य, हयात | योद्धा = लढवय्या | ||
| आठवण = स्मरण, स्मृती, सय | जुलूम = अत्याचार, छळ, बळजोरी, अन्याय | रक्त = रुधिर | ||
| आठवडा = सप्ताह | झाड = वृक्ष, तरू | रणांगण = रणभूमी, समरांगण | ||
| आनंद = हर्ष | झोपडी = कुटीर, खोप | र्हास = हानी | ||
| आजारी = पीडित, रोगी | झोप = निद्रा | राग = क्रोध, संताप, चीड | ||
| आयुष्य = जीवन, हयात | झोका = झुला | राजा = नरेश, नृप | ||
| आतुरता = उत्सुकता | झेंडा = ध्वज, निशाण | राष्ट्र = देश | ||
| आरोपी = गुन्हेगार, अपराधी | ठग = चोर | रांग = ओळ | ||
| आश्चर्य = नवल, अचंबा | ठिकाण = स्थान | रात्र = निशा, रजनी, यामिनी | ||
| आसन = बैठक | डोके = मस्तक, शीर्ष, शीर | रान = वन, जंगल, अरण्य, कानन | ||
| आदर = मान | डोळा = नेत्र, नयन, लोचन | रूप = सौंदर्य | ||
| आवाज = ध्वनी, रव | डोंगर = पर्वत, गिरी | रुबाब = ऐट, तोरा | ||
| आज्ञा = आदेश, हुकूम | ढग = मेघ, जलद, पयोधर, अभ्र | रेखीव = सुंदर, सुबक | ||
| आपुलकी = जवळीकता | ॠण = कर्ज | लग्न = विवाह, परिणय | ||
| आपत्ती = संकट | तक्रार = गाऱ्हाणे | लाट = लहर | ||
| आरसा = दर्पण | तळे = तलाव, सरोवर, तडाग | लाज = शरम, | ||
| आरंभ = सुरवात | त्वचा = कातडी | लोभ = हाव | ||
| आशा = इच्छा | तारण = रक्षण | वस्त्र = कपडा | ||
| आस = मनीषा | ताल = ठेका | वारा = वात, पवन, अनिल, मारुत, समीर, वायू | ||
| आसक्ती = लोभ | तुरंग = कैदखाना, बंदिवास | वाट = मार्ग, रस्ता | ||
| आशीर्वाद = शुभचिंतन | तुलना = साम्य | वाद्य = वाजप | ||
| इलाज = उपाय | थट्टा = मस्करी, चेष्टा | वातावरण = रागरंग | ||
| इशारा = सूचना | थवा = समूह | वेग = गती | ||
| इंद्र = सुरेंद्र | थोबाड = गालपट | वेळ = समय, प्रहर | ||
| इहलोक = मृत्युलोक | दगड = पाषाण, खडक | वेळू = बांबू | ||
| ईर्षा = चुरस | दरवाजा = दार, कवाड | वेश = सोशाख | ||
| उत्सव = समारंभ, सण, सोहळा | दाम = पैसा | वेदना = यातना | ||
| उक्ती = वचन | दृश्य = देखावा | विश्रांती = विसावा, आराम | ||
| उशीर = विलंब | दृढता = मजबुती | वितरण = वाटप, वाटणी | ||
| उणीव = कमतरता | दिवस = दिन, वार, वासर | विद्या = ज्ञान | ||
| उपवन = बगीचा | दिवा = दीप, दीपक | विनंती = विनवणी | ||
| उदर = पोट | दूध = दुग्ध, पय | विरोध = प्रतिकार, विसंगती | ||
| उदास = खिन्न | द्वेष = मत्सर, हेवा | विसावा = विश्रांती, आराम | ||
| उत्कर्ष = भरभराट | देव = ईश्वर, विधाता | विश्व = जग, दुनिया | ||
| उपद्रव = त्रास | देश = राष्ट्र | वीज = विद्युर, सौदामिनी | ||
| उपेक्षा = हेळसांड | देखावा = दृश्य | वृत्ती = स्वभाव | ||
| ऊर्जा = शक्ती | दार = दरवाजा | वृद्ध = म्हातारा | ||
| ॠण = कर्ज | दारिद्र्य = गरिबी | वैराण = ओसाड, भकास, उजाड | ||
| ॠतू = मोसम | दौलत = संपत्ती, धन | वैरी = शत्रू, दुष्मन | ||
| एकजूट = एकी, ऐक्य | धरती = भूमी, धरणी | वैषम्य = विषाद | ||
| ऐश्वर्य = वैभव | ध्वनी = आवाज, रव | व्यवसाय = धंदा | ||
| ऐट = रुबाब, डौल | नदी = सरिता | व्याख्यान = भाषण | ||
| ओझे = वजन, भार | नजर = दृष्टी | शरीर = देह, तनू, काया, कुडी, अंग | ||
| ओढा = झरा, नाला | नक्कल = प्रतिकृती | शक्ती = सामर्थ्य, जोर, बळ | ||
| ओळख = परिचय | नमस्कार = वंदन, नमन | शर्यत = स्पर्धा, होड, चुरस | ||
| औक्षण = ओवाळणे | नातेवाईक = नातलग | शहर = नगर | ||
| अंत = शेवट | नाच = नृत्य | शंकर = चंद्रचूड | ||
| अंग = शरीर | निश्चय = निर्धार | श्वापद = जनावर | ||
| अंघोळ = स्नान | निर्धार = निश्चय | शास्त्रज्ञ = वैज्ञानिक | ||
| अंधार = काळोख, तिमिर | निर्मळ = स्वच्छ | शाळा = विद्यालय | ||
| अंगण = आवार | नियम = पद्धत | शाळुंका = शिविलिंग | ||
| अंगार = निखारा | निष्ठा = श्रद्धा | शेत = | ||
| अंतरिक्ष = अवकाश | नृत्य = नाच | शिवार, वावर, क्षेत्र | ||
| कथा = गोष्ट, कहाणी, हकिकत | नोकर = सेवक | शिवार = शेत, वावर | ||
| कठीण = अवघड | परिश्रम = कष्ट, मेहनत | शीण = थकवा | ||
| कविता = काव्य, पद्य | पती = नवरा, वर | शील = चारित्र्य | ||
| करमणूक = मनोरंजन | पत्र = टपाल | शीतल = थंड, गार | ||
| कठोर = निर्दय | पहाट = उषा | शिक्षा = दंड, शासन | ||
| कनक = सोने | परीक्षा = कसोटी | श्रम = कष्ट, मेहनत | ||
| कटी = कंबर | पर्वा = चिंता, काळजी | सकाळ = प्रभात, उष:काल | ||
| कमळ = पंकज | पर्वत = डोंगर, गिरी, अचल | सचोटी = खरेपणा | ||
| कपाळ = ललाट | पक्षी = पाखरू, खग, विहंग | सफाई = स्वच्छता | ||
| कष्ट = श्रम, मेहनत | प्रकाश = उजेड | सवलत = सूट | ||
| कंजूष = कृपण | प्रवास = सफर, फेरफटका, पर्यटन | सजा = शिक्षा | ||
| काम = कार्य, काज | प्रवासी = वाटसरू | सन्मान = आदर | ||
| काठ = किनारा, तीर, तट | प्रजा = लोक | संकट = आपत्ती | ||
| काळ = समय, वेळ, अवधी | प्रत - नक्कल | संधी = मोका | ||
| कान = श्रवण | प्रदेश = प्रांत | संत = सज्जन, साधू | ||
| कावळा = काक | प्रवास = यात्रा | संपत्ती = धन, दौलत, संपदा | ||
| काष्ठ = लाकूड | प्राण = जीव | सायंकाळ = संध्याकाळ | ||
| किल्ला = गड, दुर्ग | पान = पत्र, पत्ता | सावली = छाया | ||
| किमया = जादू | प्रासाद = वाडा | साथी = सोबती, मित्र, दोस्त, सखा | ||
| कार्य = काम | पाखरू = पक्षी | स्तुती = प्रशंसा | ||
| कारागृह = कैदखाना, तुरुंग | पाऊल = पाय, चरण | स्पर्धा = चुरस, शर्यत, होड, पैज | ||
| कीर्ती = प्रसिद्धी, लौकिक, ख्याती | पाऊलवाट = पायवाट | स्थान = ठिकाण, वास, ठाव | ||
| कुतूहल = उत्सुकता | प्रार्थना = स्तवन | स्त्री = बाई, महिला, ललना | ||
| कुटुंब = परिवार | प्रामाणिकपणा = इमानदारी | संध्याकाळ = सायंकाळ, सांज | ||
| कुशल = हुशार, तरबेज | प्रारंभ = सुरुवात, आरंभ | स्फूर्ती = प्रेरणा | ||
| कुत्रा = श्वान | प्रेम = प्रीती, माया, जिव्हाळा | स्वच्छता = झाडलोट | ||
| कुटी = झोपडी | प्रोत्साहन = उत्तेजन | सुवास = सुगंध, परिमल, दरवळ | ||
| कुचंबणा = घुसमट | पाऊस = वर्षा, पर्जन्य | सुंदर = सुरेख, रमणीय, मनोहर, छान | ||
| कृपण = कंजूष | पाणी = जल, नीर, तोय, उदक | सागर = समुद्र, सिंधू, रत्नाकर, जलधी | ||
| कृश = हडकुळा | पिशवी = थैली | सावली = छाया | ||
| कोवळीक = कोमलता | पुस्तक = ग्रंथ | सामर्थ्य = शक्ती, बळ | ||
| कोठार = भांडार | पुतळा = प्रतिमा, बाहुले | साहित्य = लिखाण | ||
| कोळिष्टक = जळमट | पुरातन = प्राचीन | सेवा = शुश्रूषा | ||
| खण = कप्पा | पृथ्वी = धरणी, जमीन, वसुंधरा, वसुधा | सिनेमा = चित्रपट, बोलपट | ||
| खडक = मोठा दगड, पाषाण | फलक = फळा | सिंह = केसरी, मृगराज, वनराज | ||
| खटाटोप = प्रयत्न | फांदी शाखा | सुविधा = सोय | ||
| खग = पक्षी | फूल = पुष्प, सुमन, कुसुम | सुगंध = सुवास, परिमळ, दरवळ | ||
| खड्ग = तलवार | बदल = फेरफार, कलाटणी | सूत = धागा, दोरा | ||
| खरेपणा = न्यायनीती | बर्फ = हिम | सूर = स्वर | ||
| ख्याती = कीर्ती, प्रसिद्धी, लौकिक | बहीण = भगिनी | सूर्य = रवी, भास्कर, दिनकर, सविता | ||
| खात्री = विश्वास | बक्षीस = पारितोषिक, पुरस्कार | सोने = सुवर्ण, कांचन, हेम | ||
| खाली जाणे = अधोगती | बाग = बगीचा, उद्यान, वाटिका | सोहळा = समारंभ | ||
| खिडकी = गवाक्ष | बासरी = पावा | हद्द = सीमा, शीव | ||
| खेडे = गाव, ग्राम | बेत = योजना | हल्ला = चढाई | ||
| खोड्या = चेष्टा, मस्करी | बाळ = बालक | हळू चालणे = मंदगती | ||
| गरज = आवश्यकता | बाप = पिता, वडील, जनक | हकिकत = गोष्ट, कहाणी, कथा | ||
| गवत = तृण | बादशाहा = सम्राट | हात = हस्त, कर, बाहू | ||
| गर्व = अहंकार | बुद्धी = मती | हाक = साद | ||
| गाय = धेनू, गोमाता | ब्रीद = बाणा | हित = कल्याण | ||
| गाणे = गीत, गान | भरवसा = विश्वास | हिंमत = धैर्य | ||
| गंमत = मौज, मजा | भरारी = झेप, उड्डाण | हुकूमत = अधिकार | ||
| गंध = वास, दरवळ | भव्य = टोलेजंग | हुरूप = उत्साह | ||
| ग्रंथ = पुस्तक | भाट = स्तुतिपाठक | हुबेहूब = तंतोतंत | ||
| गाव = ग्राम, खेडे | भारती = भाषा, वैखरी | हेका = हट्ट, आग्रह | ||
| गुन्हा = अपराध | भांडण = तंटा | क्षमा = माफी | ||
| गुलामी = दास्य | भाळ = कपाळ | |||
| गोड = मधुर | भाऊ = बंधू, सहोदर |
समानार्थी शब्द
Subscribe to:
Posts (Atom)
Very bad it is very small
ReplyDeleteBro it is very good keep it up
DeleteSorry i want to say sir misteckly i say bro extreamly sorry sir
Delete